वैश्वीकरण राष्ट्र प्रेम एवं स्वदेश की भावना को आघात पहुँचा रहा है। लोग विदेशी वस्तुओं का उपभोग करना शान समझते है एवं देशी वस्तुओं को घटिया एवं तिरस्कार योग समझते हैं। Offerings: Give your inquiries/choices to God inside a clever spirit of love and humility. Every single worshiping which includes https://israelgfffd.xzblogs.com/74196393/kamdev-an-overview